Memories of You

Your memories doesn’t haunt me now. Never thought this will happen somehow.. Been so close and now far miles apart. Have I turned stone or my mind tamed the heart..

मैं अकेला।

इस अकेलेपन से इश्क़ हो गया।ना भूख़ लगती ना प्यास।।ना वक़्त का कुछ है पता।बस अब ये खामोशियां ही लगती है ख़ास।।

कुछ खोने का डर।

कांप सी गई है रूह किस कदर, ये कैसा मंजर हैं आया।अपनों से मिल ना सके, तमाम दूरियां और मायूसिया लाया।। बढ़ रहें है मौतो के सिलसिले, जाते वक़्त ना कोई उनको गले लगा पाया।बस छा रहा है घना अंधेरा, दिखती ना कोई रोशनी।दिखता है तो बस धुंधला साया।।